मंगलवार, 12 अगस्त 2014

क्या गौमाता बचेगी

क्या गौमाता बचेगी
7 नवम्बर 1966 को गौभक्तों का संसद पर प्रदर्शन व सरकार द्वारा जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड की तरह निर्दोष शांत गौभक्तों पर गोली चलाना, उस के बाद भी कई निवेदन सरकारों को भेजे लेकिन सभी कुडे दानों की शोभा बढाने वाले साबित हुए, अतः सरकार से निवेदन द्वारा सकारात्मक परिणाम की आस छोडकर सभी गौभक्तो को कुछ ठोस कदम उठाने होंगे, जिससे गौमाता की रक्षा हो सके।

सरकार से मांग

सरकार से मांग
1. गौमाता को राष्ट्रीय माता घोषित किया जाए।
2. संविधान के अध्याय 4 के अनुच्छेद 48 में वांछित, सुधारकर गौहत्या बंदी हेतु सभी राज्यों के लिये केन्दीय कानून बने।
3. गौ वंश की परिभाषा में सभी आयु वर्ग के गौवंश को सम्मिलित करें बछडें-जवान बूढें गाय बेल
4. गौवंश की हत्या पर मृत्यू दण्ड या अजीवन कारावास की सजा का प्रवाधान हो।
5. वध के उद्देश्य गौ परिवहन कर रहे वाहन को जब्त किया जाए और चालक एवं मालिक पर कठोर कार्यवाही हों।
6. अतिक्रमित गौचर भूमि को मूक्त करवा कर गौशाला को सौपे।
7. भैंस संवर्द्धधन की तरह बजट में गौ संवर्द्धधन का प्रवधान बनाए।
8. जर्सी गाय के सीमन पर रोक लगे और भारतीय नस्लों को बढावा देवें।
9. लावारिश संकरीत साण्डों को बधिया नसबंदी करें ताकि गौमाता की नस्ल न बिगडे।
10. गौमूत्र से बनी दवाईयों का सभी सरकारी अस्पतालों में नि शुल्क वितरण की व्यवस्था हों।
11. गौ हत्या से जुडी हुई सी.डी. का प्रसारण जनजागरण हेतु करने की अनुमति दी जाए।
12. पर्यावण सुधार अभियान से गौमाता को जोडा जाए।
13. नकली दूध बेचने वालों को कठोर सजा दी जाए।
14. दूध की फेट आधारित मूल्य प्रणालि समाप्त कि जाये।

हम सब निर्णय करें

हम सब निर्णय करें
-सभी संत पुजारी अपने आश्रम मन्दिर में गौमाता अवश्य रखें।
-बिना गौमाता के घी, गोबर, गौमूत्र, गौदुग्ध के बिना कोई भी पूजा पाठ हवन नहीं करवाएगें।
-भगवान को भोग गौमाता के दूध में बनी मिठाई का ही लगाएगें।
-दीपक सिर्फ गौमाता के घी के ही जलायेंगे।
-बिना गौदान के विवाह सम्पन्न नहीं करवायेंगे।
-घर में गौमाता के दूध, घी, छाछ का ही उपयोग करेगें कोल्डिंक्स के स्थान पर छाछ पीयेंगें।
-चाय के स्थान पर गौमाता का दूध ही पियेगें क्योंकि चाय गौहत्या को बढावा देती है।
-अपनी नजदीकी गौशाला का घास और दलीये से सहयोग करेंगे।
-अपने पूजा स्थल और प्रतिष्ठान में दान पेटी रखकर हर रोज गौरक्षा हेतु 1 रूपया डालेंगे।
-प्लास्टिक की थेलियों का उपयोग नहीं करेगें, अगर प्लास्टिक दिखे तो जला या दफना कर नष्ट कर देंगे।
-गौरक्षा विषय को कभी भी राजनीति व साम्प्रदायिक विषय नही बनाएंगे क्योकि यह राष्ट्रीय विषय है-
गौरक्षा-राष्ट्र रक्षा, गौहत्या-राष्ट्र हत्या है
-जन्मोत्सव गौशाला में जाकर ही मनाएगें।
सरकार से मांग

क्या कहता है विज्ञान

क्या कहता है विज्ञान
1.जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत कैंेसर बढने की संभावना हैं- नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ अमेरिका
2.गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पाॅवर ग्रहण करती हैं- रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक
3.गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा हैं- डाॅ. विजयलक्ष्मी सेन्टर फाॅर इण्डियन नोलिज सिस्टम
4.गौमूत्र के उपयोग से हदय रोग दूर होता है तथा पेशाब खुलकर होता है कुछ दिन तक गौमूत्र सेवन से धमनियों में रक्त का दबाव स्वाभाविक होने लगता हैं, गौमूत्र सेवन से भूख बढती है, यह पुराने चर्म रोग की उत्तम औषधि है- डाॅ. काफोड हैमिल्टन, ब्रिटेन
5.गौमूत्र रक्त में बहने वाले दूषित कीटाणुओं का नाश करता है- डाॅ.सिमर्स, ब्रिटेन
6.विश्व में केवल गौमाता ही ऐसा दिव्य प्राणी है जो अपनी निश्वास में आॅक्सीजन छोडती हैं- कृषि वैज्ञानिक डाॅ. जूलिशस एवं डाॅ. बुक जर्मन
7.शहरों से निकलने वाले कचरे पर गोबर के घोले को डालने से दुर्घन्ध पैदा नहीं होती है व कचरा खाद के रूप में परिवर्तित हो जाता हैं- डाॅ.कान्ति सेन सर्राफ मुम्बई
8.गौ दूध में विद्यमान सेरिब्रासाइय मस्तिक और स्मरण शक्ति के विकास में सहायक होती हैं साथ ही एम.डी.जी.आई. प्रोटीन के कारण रक्तर्कोँणकाओं में कैंसर प्रवेश नहीं कर सकता हैं- प्रो. रानाल्ड गौ रायटे कारनेल विश्व विद्यालय
9.समस्त दुधारू प्राणियों में गाय ही एक ऐसा प्राणी हे जिसकी बडी आंत 180 फीट लम्बी होती है इसकी विशेषता यह है कि जो चारा ग्रहण करती है उससे दुग्ध में केरोटीन नामक पदार्थ बनता है यह मानव शरीर में पॅंहूचकर विटामीन ए तैयार करता है तो नेत्र त्योति के लिए आवश्यक है।
10.गौमाता के गोबर में हैजे के कीटाणुओं को समाप्त करने की अद्भूत क्षमता होती है- प्रसिद्ध डाॅ. किंग मद्रास
11.जिन घरों में गौमाता के गोबर से लिपाई-पुताई होती है वह घर रेडियों विकिरण से सुरक्षित रहते है- प्रसिद्ध वैज्ञानिक शिरोवीच, रूस

क्या कहते है धर्म शास्त्र और महापुरूष

क्या कहते है धर्म शास्त्र और महापुरूष
-धेनु. सदनम् रयीणम्-गाय सम्पतियों का घर है- अथर्ववेद
-गौमात्रा न विधते-यानी गौ अनुपमेय है- यजुर्वेद
-गाय निरपराध जीव है, उसे नहीं मारना चाहिये- ऋग्वेद-10.101-15
-गौहत्या जैसा घृणित दुष्कृत्य करने वाले का सिर धड से अलग कर देना चाहिये- ऋग्वेद-18.87.16.
-श्रीकृष्ण ने बृजमण्डल में गौ चारण नंगे पाॅंव किया- श्रीमद्भागवत महापुराण
-गौ द्विज-धैनु देव हितकारी, कृपा सिन्धू मानस तनूधारी- रामचरितमानस
-जो सवेरे शयन से उठकर भक्ति पूर्वक गौ की परिक्रमा करता है उसके द्वारा समूची पृथ्वी की परिक्रमा हो जाती है इसमें कोई संशय नहीं हैं- महाभारत श्रीकृष्ण-युधिष्ठर संवाद्
-गौहत्या की अनुमति देने वाला काटनेवाला-पकाने वाला, खरीदनेवाला, बेचने वाला परोसने वाला खाने वाला सभी गौहत्या के दोषी है। इनको मत्यु दण्ड मिलना चाहिये-मनु. 11.95
-गौरक्षा से ही मानव मात्र सुरक्षित हो सकता है- भगवान महावीर स्वामी
-एक बैल को मारना-एक मनुष्य को मारने के समान है- ईसा मसीह
-गाय का दूध रसायन, गाय का घी अमृत और गाय का माॅंस बीमारी हैं- पैंगंबर मोहम्मद साहब
-गाय की कुर्बानी इस्लामी धर्म का नियम नहीं हैं- फतबे हुमायुनी
-गौ हत्या हेतु मुस्लिम आग्रह मूर्खता की पराकाष्ठा हैं- सुलतान अहमद खाॅं
-ना कुरान, ना ही अरब प्रथा-गौ कुर्बानी की इजाजत देती हैं- हकीम अजमल खाॅं
-जब तक भारत भूमि पर गौमाता के रक्त की एक भी बूंद गिरेगी तब तक कोई धार्मिक अनुष्ठान सफल नहीं होगा- पूज्य देवराहा बाबा
-यह देहु आज्ञा तुर्क गाहे खपाउ, गउ घात का दोष जग से मिटाउ- चण्डी-दि-वार-गुरूगोविन्द सिंह

शनिवार, 9 अगस्त 2014

आवश्यकता गोसेवार्थ कार्यकर्ताओ की

आवश्यकता गोसेवार्थ कार्यकर्ताओ की 

जय गौमाता जय गोपाल 
गोसेवार्थ कार्यकर्ताओ की आवश्यकता है 
१. हिंदी और इंग्लिश में लिखने वाला 
२. इंग्लिश से हिंदी में बदलने वाला या हिंदी को इंग्लिश में  बदल ने वाला 
३. ब्लॉगर / वेब साईट बनाने वाला 
४. फोटोशॉप /फोटो एडिटर चलाने वाला 
५. लेखक 
६. प्रचार प्रसार में सहयोग देने वाला 
७. सोशलमीडिआ से प्रचारक (पेज संचालक )

इच्छुक व्यक्ति अपनी सेवा देने के लिए सम्पर्क करे 
धन्येवाद 

क्या कर सकते है गौक्रांति के लिए 


ईमेल करे gomathaji@gmail.com

whatapp no.9042322241


मंगलवार, 5 अगस्त 2014

!!गौ हत्या को यदि रोकना ही है तो लोगों को गाय के लिए जागरूक करना होगा!!

जय गौमाता जय गोपाल

जो समझदार लोग हैं वे अब तक समझ गए होंगे कि सरकार की तरफ से गौ हत्या नहीं रूक सकती है, क्योंकि गौ हत्या में आम जनता का बहुत बड़ा योगदान है। अब तक बहुत से लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए गौ हत्या को रोकने का मकसद बनाकर कई महासम्मेलन व आंदोलन किए हैं। परंतु मकसद पुरा होने पर लोग गौ हत्या को रोकने के चक्कर में अपने सिर पर मुसिबतों का पहाड़ नहीं उठाना चाहते हैं।

गौ हत्या को यदि रोकना ही है तो लोगों को गाय के लिए जागरूक करना होगा। आम जनता को महसूस कराना होगा कि गाय कितनी जरूरी है।

बच्चे गाय को जानने के बजाए मुर्दा मशीनों के बारे में पढ़ते हैं। शिक्षा पद्धति को नियंत्रण में लाना होगा ताकि बच्चे भी बड़े होने पर गौ पालन अवश्य करें।

डेयरी उद्योग को नियंत्रण में लाना होगा जिससे की दूध खरीदने के बजाए गौ पालन फायदेमंद व सुविधाजनक हो।
सरकार द्वारा खाद पर दी जाने वाली सबसिडी को बंद करना होगा जिससे खाद की किमत लोगों को समझ में आएगी।

सरकार द्वारा तेल पर दी जाने वाली सबसिडी को बंद करवाना होगा जिससे की बैलों की किमत लोगों को समझ आएगी।
गौ हत्या को रोकने के उपायों के लिए बुद्धिजीवियों से मदद माँगनी चाहिए न कि कुछ लोगों द्वारा महासम्मेलन करने से गौ हत्या रूकेगी। क्योंकि अब तक बहुत से महान लोगों ने कई आंदोलन करवा दिए परंतु परिणाम कुछ नहीं आया।

कुछ मूर्ख प्राणी कहते हैं कि गौ हत्या को रोकने के लिए हिंदू शेरों को तलवार उठानी पड़ेगी। जब आम हिंदू गौ हत्या में शामिल है, सरकार की नीतियाँ गौ हत्या की मुख्य वजह बन रही है तो ऐसी स्थिति में यदि युवा लड़ना भी चाहें तो सिर्फ गौ तस्कर तक ही पहुँच पाएँगे। कत्ल खानों से तो लड़ाई हो ही नहीं पाएगी।