बुधवार, 16 अक्टूबर 2019

एक मात्र उपाय वेदलक्षणा देशी गाय

प्रिय गौ माता, प्रिय गोपाल

आज के समय में, जब बीमारियाँ हर व्यक्ति को जकड़ रही हैं, ऐसे में गाय ही एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो हमें स्वस्थ जीवन प्रदान कर सकती है। गाय से प्राप्त हर वस्तु – दूध, गोमूत्र, गोबर, घी और दही – मानव जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी है।

गाय और ऑक्सीजन का वैज्ञानिक महत्व

वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, गाय के गोबर में 23% ऑक्सीजन होती है, और जब इसे कंडे के रूप में उपयोग किया जाता है, तो इसमें 27% तक ऑक्सीजन पाई जाती है। सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि जब इन कंडों की राख का परीक्षण किया गया, तो उसमें 47% ऑक्सीजन नापी गई। यह सिद्ध करता है कि गाय के गोबर से बनी राख भी वातावरण को शुद्ध करने में सहायक है।

गोबर और गोमूत्र के लाभ

हम दूध और गोमूत्र का उपयोग तो करते हैं, लेकिन गोबर का महत्व अभी भी पूरी तरह समझा नहीं गया है। यदि दो चम्मच गोबर की राख को पानी में मिलाकर पिया जाए, तो शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाया जा सकता है।

देशी गाय बनाम जर्सी गाय

आज भारत में विदेशी जर्सी गायों का प्रचलन बढ़ा दिया गया है, जो एक साजिश का परिणाम है। देशी गाय के दूध में जो पोषक तत्व होते हैं, वे जर्सी गाय के दूध में नहीं मिलते। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, जर्सी गाय का दूध पीना सूअर का दूध पीने के समान है, क्योंकि इसमें कई हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। अंग्रेजों ने 1935 में एक आदेश जारी कर भारत में बैल (नंदी) के वध को बढ़ावा दिया, जिससे हमारी कृषि और गौ-पालन प्रणाली को भारी क्षति पहुँची।

गाय: एक चलता-फिरता वातानुकूलन यंत्र

गाय ही एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो श्वास में भी ऑक्सीजन छोड़ती है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का एक प्रमुख कारण शरीर में कार्बन की अधिकता है, लेकिन जो लोग गायों के साथ अधिक समय बिताते हैं, उन्हें ये बीमारियाँ नहीं होतीं।

भगवान कृष्ण और गौ-सेवा का संदेश

भगवान श्रीकृष्ण को हम सब पूजते हैं, लेकिन जिस गाय को उन्होंने माता मानकर जंगलों में चराया, उस गाय से प्रेम करना भूल गए हैं। कृष्ण द्वारा माखन चोरी करना केवल एक लीला नहीं थी, बल्कि एक गूढ़ संदेश था कि गाय के दूध और इससे बने उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना आवश्यक है।

गाय और वास्तुशास्त्र

वास्तुशास्त्र के अनुसार, जहाँ गाय रहती है, वहाँ किसी प्रकार का वास्तु दोष नहीं होता। गाय का गोबर और मूत्र प्राकृतिक ऊर्जा को संतुलित रखते हैं और घर को नकारात्मक शक्तियों से मुक्त करते हैं।

गाय के दूध में छिपा सोना

देशी गाय के दूध में सोने के तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यही कारण है कि गाय का दूध हल्का पीला दिखाई देता है, और इससे बना घी भी पीले रंग का होता है।

निष्कर्ष

गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी माता है। इसका संरक्षण और संवर्धन करना हमारी जिम्मेदारी है। यदि हम गायों की सेवा करें, तो न केवल स्वयं को बल्कि पूरे समाज और पर्यावरण को स्वस्थ और समृद्ध बना सकते हैं।

गौ माता की जय!


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